नवी मुम्बई में बिजली और पानी की समस्या से लोग त्रस्त

नवी मुम्बई में वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश नाईक द्वारा बुद्धवार को लगाये गये जनता दरबार में, सबसे गंभीर और चर्चित मुद्दा पानी बिजली की कमी के साथ साथ,दूषित पानी की आपूर्ती का रहा। गणेश नाईक भी इस मुद्दे पर बेहद गंभीर दिखाई दिये और उन्होंने पालिका अधिकारियों के साथ,विधुत वितरण कंपनी के अधिकारियों को भी यह सख्त निर्देश दिया कि इन समस्याओं का निदान जल्द से जल्द किया जाये।हालांकि गणेश नाईक के निर्देश को मानने के लिए पालिका और विधुत विभाग के अधिकारियों ने हामी जरूर भर दी,लेकिन उन्होंने इसके लिए अवैध रूप से और चोरी से लिए जा रहे पानी कनेक्शन और विधुत कनेक्शन को सबसे ज्यादा जिम्मेदार ठहराया। दरअसल नवी मुम्बई में गाव गावठण,चाल और झोपड़पट्टी क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए गये हैं कि उसका पूरा तनाव नवी मुम्बई की सामाजिक सुविधाओं पर बुरी तरह बढ़ा है। इससे सबसे ज्यादा पानी आपूर्ती,विधुत आपूर्ती,सिवरेज कनेक्शन और पार्किंग की व्यवस्था प्रभावित हुई है। मगर बेलगाम अवैध निर्माण कार्य के खिलाफ कोई भी स्थानीय जनप्रतिनिधी कुछ नही बोलता,क्योंकी यह सबलोग अवैध निर्माण से होनेवाले अवैध कमाई के हिस्सेदार हैं तथा इन अवैध निर्माण में रहनेवाले लोग उनके मतदाता भी हैं। स्वयं गणेश नाईक जैसे अनुशासन प्रिय नेता भी इन अवैध निर्माण कार्यों का विरोध नही कर पाते। हालात यह है कि उनके गृहगांव बोनकोड़े में भी सैकड़ों अवैध बहुमंजिली इमारतों का दर्शन आसानी से हो जाता है। मगर इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुछ लोगों की गलतियों का भुगतान, उन इमानदार बहुसंख्यक लोगों को क्यों करना पड़ रहा है,जो शहर के नियोजन का इमानदारी से पालन करने में विश्वास रखते हैं, क्या कोई नेता इन इमानदार लोगों को हो रही परेशानियों के लिए भी सामने आयेगा?



