बढ़ रहा है जनाक्रोश,अवैध निर्माण एक बड़ा कारण

नवी मुम्बई भारत के बेहतरीन सुनियोजित शहरों में से एक है। मगर सिडको,नवी मुम्बई महानगरपालिका,एमआईडीसी,पनवेल महानगरपालिका जैसी संस्थाओं के भयंकर भ्रष्टाचार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा शहर के नियोजन को ध्वस्त करनेवाले भू माफियाओं को,दिया जानेवाला संरक्षण,अब नवी मुम्बई के रहिवासियों के सामने कई गंभीर जीवनावश्यक समस्याओं को जन्म दे रहा है। इसमें पानी,बिजली,गंदगी स्वास्थ्य और पार्किंग जैसी समस्यायें मुख्य रूप से शामिल हैं। हर जगह अवैध पानी और बिजली कनेक्शन तथा बिना सीवरेज और पार्किंग की उचित व्यवस्था के किये गये अवैध निर्माण कार्य,आज नवी मुम्बई के उन ईमानदार रहिवासियों पर बेहद भारी पड़ रहे हैं,जो न केवल शहर के नियोजन को बरकरार रखने में सहायक होते हैं बल्कि पूरी तरीके से कानून के प्रति समर्पित भी होते हैं।नवी मुम्बई के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जबर्दस्त पानी और बिजली का संकट दिखाई दे रहा है। पानी के लिए हंडा मोर्चा निकाला जा रहा है तो बिजली के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों का घेराव किया जा रहा है। नवी मुम्बई महानगरपालिका के हद में सबसे बुरी स्थिती तुर्भे,घणसोली और ऐरोली की है। पानी-बिजली के अलावा नवी मुम्बई के कुछ ईलाकों में गंदगी,पार्किंग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ है। मगर इन सारी समस्याओं को जन्म देने में सबसे बड़ी भूमिका अगर किसी की है तो वह है संबंधित भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों की और उन स्थानीय राजनेताओं की जिनके संरक्षण में अवैध निर्माण कार्य के माफिया जमकर फल फूल रहे हैं।



